दुबहर(बलिया)। निमिया के डारि जनि कटिह ए बाबा… प्रसिद्ध लोकगीत गायक कमलबास कुंवर ने जब यह देवी गीत गाना शुरू किया तो फिजा में ऐसा रंग जमा कि लोग झूमे बिना नहीं रह सके। क्षेत्र के नगवा गांव स्थित नागेश्वर नाथ शिव मंदिर प्रांगण में भगवान श्रीकृष्ण के छठीहारोत्सव के अवसर पर बुधवार की रात लोकगीत का शानदार मुकाबला हुआ। यह मुकाबला गायक कमलबास कुंवर बक्सर, बिहार और कमलाकांत मिश्र छपरा, बिहार के बीच हुआ।
दोनों कलाकारों की मर्मस्पर्शी प्रस्तुति दर्शकों को खूब पसंद आई। श्रोताओं ने सारी रात लोक कला का खूब आनंद लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ आयोजक दीपक पाठक ने अपने सहयोगियों के साथ कलाकारों का माल्यार्पण एवं अंगवस्त्र से सम्मानित कर किया। इस दौरान कार्यक्रम में पहुंचे गीतकार बब्बन विद्यार्थी को मंच पर बुलाकर कमलबास कुंवर ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। इसके बाद गायक कमलाकांत मिश्र ने अपनी गीत- अबहीं रहिओ ना धरइली हो, भूलइली जिंदगी.. एवं सहल नाहीं जाला, तहरो जुदाई.. सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। इसके बाद कमलबास कुंवर ने अपनी गीत- नाहीं दोष गायक गवईया में बा, सारा दोष आज के समईया में बा.. गाकर सबको सोचने पर मजबूर कर दिया। युवा वर्ग की फरमाइश पर कमलबास कुंवर ने दूसरी गीत- एगो पागल बा दीवाना, थोड़ा प्यार मांगता…सुनाकर पूरी महफिल को झूमने पर विवस कर दिया। कलाकारों ने एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति कर सारी रात समां बांधे रखा। कार्यक्रम का संचालन रोहित पाठक एवं रमन पाठक ने किया।
इस मौके पर विष्णु दयाल पांडेय, विजय पाठक ब्यास, सुशील पाठक, विमल पाठक, गडल दुबे, सुनील मिश्रा, विनोद गुप्ता, कल्लू पाठक, विजय शंकर यादव, राधा कृष्ण पाठक, सरल पासवान, अजीत यादव, अजीत पाठक सोनू , टिंकू पाठक, रवि शंकर पाठक, शिवनाथ यादव, अमित मिश्रा, अमन दुलारा सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।


