बांसडीह(बलिया)। पैर की दिव्यांगता के कारण कूद कूद कर स्कूल आने-जाने की परेशानी झेल रही मनियर ब्लॉक के दिघेड़ा के रानीपुर गांव की सात वर्षीय रागिनी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बेहतर इलाज व मदद के लिए मुलाकात करेंगी। अपनी समस्या मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए रागिनी गुरूवार को विधायक प्रतिनिधि विश्राम सिंह और अपने माता-पिता के साथ लखनऊ रवाना हुई।
दिघेड़ा गांव निवासी देवेंद्र राजभर और बबिता राजभर की पुत्री रागिनी पैर से दिव्यांग है। छोटी उम्र में ही दिव्यांगता के कारण उसे पढ़ाई के लिए स्कूल आने-जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। परिवार की आर्थिक स्थिति भी ऐसी नहीं है कि वे उसके लिए बेहतर आवागमन व चिकित्सा की व्यवस्था कर सकें। रागिनी गुरूवार शाम विधायक केतकी सिंह और अपने माता-पिता के साथ मुख्यमंत्री के आवास पर योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेगी। इस दौरान रागिनी के माता-पिता अपनी बेटी की दिव्यांगता से जुड़ी समस्याओं और पढ़ाई के दौरान आने-जाने में हो रही परेशानियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे। वह रागिनी के बेहतर इलाज के विषय में भी बातचीत करेंगे। विधायक केतकी सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रागिनी की सारी परेशानी बताया जायेगा। मुख्यमंत्री ने स्वयं रागिनी से मिलने की पहल किया है। परिवार को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए रागिनी की पढ़ाई , चिकित्सा और आवागमन को सुगम बनाने के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध करायेंगे। रागिनी के लखनऊ रवाना होने की जानकारी मिलने के बाद गांव के लोगों में भी उसके लिए मदद और बेहतर भविष्य की उम्मीद जगी है। हांलाकि डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने पहले दिघेड़ा के रानीपुर गांव जाकर रागिनी को टा्इस्किल, कापी, किताब व अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया था। मुख्यमंत्री कार्यालय में रागिनी के कूद कर स्कूल जाने का वीडियो संज्ञान में आने के बाद जिला प्रशासन को कारवाई का निर्देश दिया था। जिला चिकित्सालय के हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक ने रागिनी का परीक्षण किया था। उन्होंने रागिनी को हायर सेंटर में बेहतर इलाज का सुझाव दिया था।


