फाइलेरिया से बचाव के लिए साल में एक बार दवा खाना जरूरी: सीएमओ

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फाइलेरिया से17 ब्लॉकों के स्वास्थ्य अधिकारियों को फाइलेरिया प्रबंधन का दिया गया प्रशिक्षण

बलिया। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत रुग्णता प्रबंधन व दिव्यांग्ता रोकथाम(एमएमडीपी प्रबंधन) एवं प्रयोग को लेकर कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी सभागार मे मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.अभय नारायण राय के अध्यक्षता में गुरुवार को सम्पन्न हुआ।

यह प्रशिक्षण जनपद के अर्बन सहित 17 ब्लॉकों के अधीक्षक/एमओआईसी, बीसीपीएम नोडल वीबीडी को प्रशिक्षित किया गया। यह प्रशिक्षण डब्लू एच ओ के जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ. मंजीत सिंह चौधरी द्वारा दिया गया।प्रशिक्षण मे रुग्णता प्रबंधन व दिव्यांग्ता रोकथाम (एमएमडीपी) पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी गयी। बताया गया की फाइलेरिया मरीजों को प्रभावित अंग की अच्छी तरह से साफ-सफाई करनी चाहिए, जिससे किसी प्रकार के संक्रमण से मरीज न प्रभावित हो। इसके लिए उन्हें साफ-सफाई और प्रभावित अंग के अनुसार नियमित रूप से व्यायाम करना जरूरी है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभय नारायण राय ने कहा कि फाइलेरिया बीमारी के दुष्परिणाम कई वर्षों के बाद देखने को मिलते हैं । शुरूआत में इसके कोई लक्षण नहीं दिखाई देते हैं और एक संक्रमित व्यक्ति दूसरे स्वस्थ व्यक्ति को बिना कोई बाहरी लक्षण दिखे संक्रमित करता रहता है।

इस बीमारी से हाथ, पैर, स्तन और अंडकोष में सूजन पैदा हो जाती है। सूजन के कारण फाइलेरिया प्रभावित अंग भारी हो जाता है और दिव्यांगता जैसी स्थिति बन जाती है । प्रभावित व्यक्ति का जीवन अत्यंत कष्टदायक एवं कठिन हो जाता है। यह एक लाइलाज बीमारी है | इस बीमारी से बचाव के लिए वर्ष में एक बार दवा खाना जरूरी है।

 

वेक्टर बॉर्न के नोडल अधिकारी डॉ.अभिषेक मिश्रा ने बताया कि फाइलेरिया मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होने वाला एक संक्रामक रोग है जिसे सामान्यता हाथीपाँव के नाम से भी जाना जाता है। पेशाब में सफेद रंग के द्रव्य का जाना जिसे काईलूरिया भी कहते हैं जो फाइलेरिया का ही एक लक्षण है। इसके प्रभाव से पैरों व हाथों में सूजन, पुरुषों में हाइड्रोसील (अंडकोष में सूजन) और महिलाओं में ब्रेस्ट में सूजन की समस्या आती है। फाइलेरिया होने के बाद इसका कोई इलाज नहीं है।

इस प्रशिक्षण में मलेरिया/ फाइलेरिया विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, पाथ, पीसीआई,WHO और सी-फार संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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