बलिया। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित एवं प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नमस्कार फाउंडेशन तथा ग्रेटर नोएडा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के संयुक्त तत्वावधान में “नमस्कार मेधा सम्मान 2026” का आयोजन जिला पंचायत सभागार, बलिया में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीए के सौभाग्य श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि निरंतर परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की वास्तविक कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग समाज एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम संयोजक शिवम मिश्रा ने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान समाज की सकारात्मक सोच का परिचायक है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को आगे बढ़ने और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं।
नमस्कार फाउंडेशन के सचिव उत्कर्ष मिश्रा ने कहा कि विद्यार्थियों का सम्मान केवल उनकी उपलब्धियों का अभिनंदन नहीं, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने का माध्यम भी है। इससे विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें निरंतर बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हरेंद्र नाथ मिश्रा ने कहा कि प्रतिभा को उचित मंच और सम्मान मिलना आवश्यक है। शिक्षा समाज और राष्ट्र के विकास की आधारशिला है तथा मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को प्रोत्साहन और सही मार्गदर्शन देना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान सम्मानित विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों ने आयोजन के लिए नमस्कार फाउंडेशन के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन राकेश मिश्रा ने किया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर अभिषेक सिंह कुशवाहा, अर्जुन यादव, विकास सिंह कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
“नमस्कार मेधा सम्मान 2026” में 75% से अधिक अंक पाने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं का हुआ सम्मान

