लालगंज (बलिया)। बैरिया के गौरवशाली स्वतंत्रता संग्राम और अमर क्रांतिवीरों की शहादत की स्मृति में सोमवार को 18 अगस्त को बैरिया बलिदान दिवस श्रद्धा,सम्मान और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया।

बैरिया थाने के समीप स्थित शहीद स्मारक पर सोमवार को सुबह प्राचीन परम्परा के अनुसार थानाध्यक्ष बैरिया राजेन्द्र सिंह ने आचार्य बिद्वान पंडितो द्वारा बैदिक मंत्रोचार के साथ शहीद स्मारक पर भब्य पूजन अर्चन कर चादर एवं फूल माला चढ़ाई ततपश्चात अमर शहीद क्रांतिवीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का कार्यक्रम प्रारम्भ हुआ । सुबह से ही श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिये लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। शहीद स्मारक परिसर से लेकर आसपास का पूरा क्षेत्र देशभक्ति के नारों और श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोगों से गुलजार रहा।

कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं उनके परिजनों के साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों के पूर्व एवं वर्तमान सांसद,विधायक, राजनितिक पार्टी के जिला अध्यक्ष,जिला पंचायत सदस्य,ग्राम प्रधान संगठन,पूर्व सैनिक संगठन शिक्षक,बिद्यालयो के छात्र-छात्राएं, सामाजिक कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने पहुंचकर अमर शहीदों को नमन किया। लोगों ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भाजपा के पूर्व सांसद बीरेंन्द्र सिंह “मस्त” बलिया के सपा सांसद सनातन पाण्डेय एवं बैरिया सपा बिधायक जय प्रकाश अंचल,संजय मिश्रा एवं अंगद मिश्रा,दशरथ यादव के साथ सपा कार्यकर्ता पूरे हुजूम के साथ श्रद्धांजली देने अपने नेता के साथ पहुँचे।

पूर्व सांसद भरत सिंह एवं उनकी बेटी भाजपा नेत्री बिजय लक्षमी सिंह बारी जुलस के साथ महिला,पुरुष, युवक,युवतिया हाथ मे तिरंगा लिये बैरिया मोड़ से पैदल पहुंची वही रानीगंज की तरफ से जुलुस के साथ मधु सिंह पत्नि ब्लाक प्रमुख बैरिया राकेश सिंह,बैरिया नगर पंचायत प्रतिनिधि युवा नेता मनटन वर्मा तथा युवा भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी बबलू अपने दलबल के साथ पहुँचे l

बैरिया के पूर्व भाजपा बिधायक जुझारु एवं क्रांतिकारी नेता सुरेन्द्र सिंह का काफिला मे लालगंज से देवराज ब्रम्ह मोड़ तक की सड़क दो चक्का गाड़ी एवं पैदल चलने वालें उनके कार्यकर्ताओ की भीड़ से पटी रही।जुलुस मे सुरेन्द्र सिंह के साथ फेफना के पूर्व मंत्री बिधायक उपेन्द्र तिवारी मौजूद रहे।जुलुस की भीड़ को कंट्रोल करने के लिये पुलिस को भी काफी मसशक्त करनी पड़ी घंटो दोनो तरफ की ट्राफ़ीक बन्द करनी पड़ी जुलुस मे दो चक्का, चार चक्का गाड़ी के साथ पैदल चलने वालों का ताता लगा रहा । कांग्रेस जिलाध्यक्ष उमाशंकर पाठक भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, सी बी मिश्रा,प्रशांत उपाध्याय,अमिताभ उपाध्या, अरबिन्द सिंह सेंगर,रमेश सिंह फौजी सहित विभिन्न क्षेत्रों से लोगों के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी रहा। देवराज ब्रह्म मोड़ से लेकर शहीद स्मारक तक सड़क लोगों से खचाखच भरी रही। स्थिति यह रही कि सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। बड़ी संख्या में महिला, पुरुष,युवा और बच्चे हाथों में तिरंगा लिए शहीद स्मारक की ओर बढ़ते नजर आए। पूरे मार्ग पर देशभक्ति का वातावरण बना रहा।
शहीद स्मारक पर शहीदो के श्रधांजलीं सभा के बहाने वर्ष 2027 के बिधानसभा चुनाव के प्रदर्शन की झलक रानीतिक पार्टी के नेताओ के प्रदर्शन मे देखने को मिली जिसकी चर्चा आम लोगो मे भी जोरो पर रही ।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बैरिया बलिदान दिवस केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि क्षेत्र के उस गौरवशाली इतिहास की याद दिलाता है, जब स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान बैरिया की धरती पर आजादी के लिए संघर्ष करते हुए अनेक वीर सपूतों ने अपने प्राण न्योछावर किए थे। शहीद स्मारक पर पहुंचने वाले लोगों ने नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और बलिदान की गाथा से परिचित कराने तथा शहीदों के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया ।
शहीद स्मारक पर दिनभर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से लेकर सामाजिक संगठनों,शिक्षण संस्थानों और ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने पुष्प अर्पित कर अमर शहीदों को नमन किया। छात्र-छात्राओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष रूप से प्रभावशाली बना दिया।

बैरिया बलिदान दिवस पर उमड़ा यह जनसैलाब इस बात का प्रमाण रहा कि क्षेत्र के लोगों के दिलों में आज भी अमर शहीदों के प्रति गहरी श्रद्धा और सम्मान कायम है। शहीद स्मारक पर गूंजते देशभक्ति के नारों के बीच लोगों ने अमर क्रांतिवीरों के बलिदान को याद करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।


