नैनो उर्वरकों के उपयोग को लेकर मंथन, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

Spread the love

बलिया । जनपद के विकास भवन सभागार में बुधवार को नैनो उर्वरकों की उपयोगिता और सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण विषय पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पीसीसीएफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष बाल्मीकि त्रिपाठी ने आत्मनिर्भर कृषि के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब हमें परंपरागत खेती से हटकर आधुनिक और तकनीकी खेती की ओर कदम बढ़ाना होगा।
मुख्य अतिथि बाल्मीकि त्रिपाठी ने कहा कि भारत सरकार किसानों की समृद्धि के लिए दानेदार उर्वरकों पर भारी-भरकम सब्सिडी खर्च कर रही है। उन्होंने उपस्थित समिति सचिवों को निर्देशित किया कि वे केवल कागजी खानापूर्ति न करें, बल्कि धरातल पर जाकर किसान सभाओं का आयोजन करें। उन्होंने कहा कि जब तक किसान नैनो उर्वरकों के उत्कृष्ट परिणामों को प्रक्षेत्र प्रदर्शन के माध्यम से अपनी आंखों से नहीं देखेंगे, तब तक उनके भीतर विश्वास पैदा नहीं होगा। उन्होंने सभी को ‘आत्मनिर्भर कृषि’ का मंत्र दिया।
अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ओजस्वी राज ने कहा कि अंधाधुंध दानेदार उर्वरकों के प्रयोग से हमारी मिट्टी की सेहत खराब हो रही है। उन्होंने सभी सचिवों को हिदायत दिए,कि वे किसानों को गोबर की खाद, हरी खाद और नैनो उर्वरकों के संतुलित प्रयोग के लिए प्रेरित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करके ही हम उत्पादन लागत को घटा सकते हैं और भविष्य की पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि सुरक्षित रख सकते हैं।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता सूर्य नारायण मिश्र तथा जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने उर्वरक वितरण प्रणाली को लेकर सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि उर्वरकों की बिक्री हर हाल में ‘फार्मर रजिस्ट्री’ और खतौनी के आधार पर ही सुनिश्चित की जाए। मानकों के विपरीत कोई भी बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी समिति द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है, तो संबंधित सचिव की जवाबदेही तय होगी।
इफको वाराणसी के क्षेत्रीय प्रबंधक अक्षय पाण्डेय ने नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, नैनो जिंक, नैनो कॉपर और सागरिका के वैज्ञानिक लाभों को तकनीकी रूप से स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरक न केवल पौधों को तेजी से पोषक तत्व प्रदान करते हैं, बल्कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना उपज की गुणवत्ता में भी भारी वृद्धि करते हैं।
​कार्यक्रम का संचालन इफको बलिया के क्षेत्र अधिकारी आशीष गुप्ता ने किया। इस दौरान जनपद के समस्त एडीओ, एडीसीओ सहकारिता और 100 से अधिक समिति सचिवों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी को किसानों के बीच ‘सहकार से समृद्धि’ की भावना को घर-घर पहुंचाने का संकल्प दिलाया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *