वसुधैव कुटुंबकम ही विश्व शांति का मूल मंत्र
दुबहड़,(बलिया)। प्रेम और सद्भाव के बिना शांति संभव नहीं है। यदि विभिन्न देशों के जनप्रतिनिधि अपने अंदर से विस्तारबाद, अभिमान एवं द्वेष का परित्याग कर दें तो स्वयं परस्पर प्रेम तथा सभी देशों में शांतिपूर्ण वातावरण की स्थापना हो सकती है। यह बातें मंगल पांडेय विचार मंच के प्रवक्ता, सामाजिक चिंतक एवं गीतकार बब्बन विद्यार्थी…


