बांसडीह (बलिया)। दोनों पैरों से दिव्यांगता के बावजूद कूद-कूदकर स्कूल आने-जाने वाली रागिनी गुरुवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ स्थित उनके आवास पर मिली। बांसडीह विधायक केतकी सिंह के साथ रागिनी अपने माता-पिता के साथ मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची। मुख्यमंत्री ने रागिनी और उसके परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री ने रागिनी के बेहतर इलाज और उचित शिक्षा की व्यवस्था कराने की बात कही। इसके साथ ही परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए आवास उपलब्ध कराने और आर्थिक मदद का भी भरोसा दिया गया। रागिनी के गांव स्थित घर तक पहुंचने वाली सड़क के निर्माण का भी आश्वासन दिया गया है।
मनियर क्षेत्र के दिघेड़ा गांव निवासी देवेंद्र राजभर और बबिता राजभर की बेटी रागिनी दोनों पैरों से दिव्यांग है। बताया जाता है कि छोटी उम्र में हुए एक हादसे में उसके पैर खराब हो गए थे। दिव्यांगता के बावजूद रागिनी पढ़ाई जारी रखे हुए है, लेकिन स्कूल आने-जाने में उसे काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
कुछ दिनों पहले रागिनी का कूद-कूदकर स्कूल जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद रागिनी की स्थिति चर्चा में आ गई। इसके बाद जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह समेत कई समाजसेवी और स्वयंसेवी संगठनों के लोग उसके घर पहुंचे और मदद के लिए आगे आए।
इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मामले का संज्ञान लिया। विधायक केतकी सिंह के माध्यम से रागिनी और उसके परिवार को लखनऊ बुलाया गया। मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए गुरुवार सुबह विधायक प्रतिनिधि विश्राम सिंह रागिनी और उसके माता-पिता को लेकर सड़क मार्ग से लखनऊ रवाना हुए।
मुलाकात के बाद विधायक केतकी सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने रागिनी के इलाज और शिक्षा की पूरी व्यवस्था कराने का भरोसा दिया है। साथ ही परिवार की जरूरतों को देखते हुए अन्य आवश्यक सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।
इस दौरान विश्राम सिंह,नीरज दुबे,चुन्नु सिंह,राजेश सिंह,सुनील राय, लोकनाथ पासवान,राकेश चौहान,विमल,दीपू,बबिता राजभर और देवेंद्र राजभर मौजूद रहे।


