बलिया। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्राधिकरण के निर्देश पर स्कूल सुरक्षा अभियान के तहत शनिवार को राजकीय बालिका गृह, निधरिया में 11वीं एनडीआरएफ वाराणसी, इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, नागरिक सुरक्षा कोर एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय आपदा प्रबंधन एवं स्कूल सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह के मार्गदर्शन, उपमहानिरीक्षक एनडीआरएफ मनोज कुमार शर्मा के निर्देशन तथा अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अनिल कुमार के दिशा-निर्देश में आयोजित इस प्रशिक्षण का नेतृत्व 11वीं एनडीआरएफ के निरीक्षक प्रवीण उपाध्याय ने किया। कार्यक्रम में बालिका गृह की छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को विभिन्न आपदाओं से सुरक्षित बचाव के व्यावहारिक उपाय सिखाए गए।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने भूकंप, आग, बाढ़, सर्पदंश और भगदड़ जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में बचाव की तकनीकों का प्रदर्शन किया। साथ ही प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), सीपीआर (CPR) देने की विधि तथा घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के तरीकों का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया गया। छात्राओं ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक भाग लिया और विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर सवाल-जवाब भी किए।
रेडक्रॉस सोसायटी के जिला समन्वयक शैलेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि बच्चों में आपदा जागरूकता विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्कूल सुरक्षा कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को इस योग्य बनाना है कि वे संकट की घड़ी में घबराने के बजाय सूझबूझ से अपनी और दूसरों की सुरक्षा कर सकें।
बालिका गृह की अधीक्षिका अमिता जैन ने एनडीआरएफ और रेडक्रॉस सोसायटी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण समाज के हर वर्ग के लिए उपयोगी हैं और आपदा के समय जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों और सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर अजय पाण्डेय, सोनी यादव सहित एनडीआरएफ, नागरिक सुरक्षा कोर, रेडक्रॉस सोसायटी, बालिका गृह प्रबंधन के अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।

