बलिया। बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के छितौनी गांव स्थित फरसाटार में रविवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला अपने कथित प्रेमी से शादी की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गई। करीब छह घंटे तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद तहसीलदार, सीओ और पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर महिला नीचे उतरी। इस दौरान मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही और पुलिस लगातार महिला को समझाने का प्रयास करती रही।
जानकारी के अनुसार, मनियर थाना क्षेत्र के उदईपुर गांव निवासी मुन्नी देवी रविवार भोर में छिपकर छितौनी गांव स्थित टावर पर चढ़ गई। महिला की मांग थी कि उसके कथित प्रेमी अंकित गोंड को मौके पर बुलाया जाए और उससे शादी कराई जाए। महिला समय-समय पर अपनी मांग कागज पर लिखकर नीचे फेंकती रही। महिला सिपाहियों ने मोबाइल पर बात कर उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वह किसी भी कीमत पर नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई।
करीब छह घंटे बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार बांसडीह नितिन कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी जयशंकर मिश्रा ने महिला से वार्ता की। अधिकारियों ने उसे न्याय दिलाने और शादी कराने का आश्वासन दिया। साथ ही, अंकित की मां को मौके पर बुलाकर भी महिला को भरोसा दिलाया गया कि उसके बेटे की शादी उसी से कराई जाएगी। इसके बाद महिला सुरक्षित टावर से नीचे उतर आई।
पीड़िता का आरोप
महिला का आरोप है कि करीब एक वर्ष पहले उसके शराबी पति ने उसे और उसके मासूम बच्चे को घर से निकाल दिया था, जिसके बाद वह अपने मायके उदईपुर (मनियर) में रह रही थी। उसकी मां का निधन हो चुका है, जबकि पिता मजदूरी के सिलसिले में बाहर रहते हैं।
पीड़िता के अनुसार, 14 अप्रैल 2025 को जब वह घर पर अकेली थी, तभी छितौनी निवासी अंकित गोंड उसके घर आया। उसने प्रेम का इजहार किया और विरोध करने के बावजूद उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। बाद में शादी करने और नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसने उसे अपने विश्वास में ले लिया। महिला का दावा है कि अंकित के माता-पिता ने भी दोनों की शादी कराने का भरोसा दिया था।
पीड़िता का कहना है कि इसके बाद अंकित उसे नौकरी दिलाने के बहाने गुजरात ले गया, जहां करीब छह महीने तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। आरोप है कि 18 अप्रैल 2026 को अंकित उसे गुजरात में अकेला छोड़कर फरार हो गया और मोबाइल पर दो हजार रुपये भेजकर घर लौट जाने को कह दिया।
महिला के मुताबिक, 22 अप्रैल 2026 को जब वह अंकित के घर छितौनी पहुंची तो उसके पिता चंद्रिका, मां मुनिया देवी, भाई विकास और बहन लक्ष्मी ने गाली-गलौज करते हुए उसे जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया।
पीड़िता का कहना है कि उसने बांसडीहरोड थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक न्याय की गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब वह अपने मासूम बच्चे के साथ न्याय की मांग को लेकर संघर्ष कर रही है।

