आवास से लेकर आयुष्मान तक, पात्रों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर
जनसुनवाई में रोज बैठेंगे सीएमओ के कर्मचारी, 70 वर्ष के ऊपर के बुजुर्गों का बनेगा आयुष्मान कार्ड
दुकानदारों को डस्टबिन के लिए एक सप्ताह की मोहलत, तीन माह में स्कूलों में फर्नीचर का लक्ष्य
बलिया। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पत्रकारों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जिले में स्वच्छता, जनकल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसुनवाई को लेकर प्रशासन की प्राथमिकताएं गिनाईं। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना और बलिया को स्वच्छ एवं सुंदर बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने बताया कि सभी वार्डों के सफाई नायकों के साथ बैठक कर नगर की सफाई व्यवस्था की समीक्षा की गई है। अधिकारियों और सफाई कर्मियों को अभियान चलाकर शहर को स्वच्छ बनाने के निर्देश दिए गए हैं। नगर की प्रत्येक गली और मोहल्ले में नियमित सफाई के साथ कूड़ा निस्तारण व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है। शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था शुरू करने के लिए जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने नगर पालिका को आदर्श नगर पालिका के रूप में विकसित करने की बात कही। जिलाधिकारी ने कहा कि शहर के प्रत्येक दुकानदार के पास डस्टबिन होना अनिवार्य होगा। दुकानदारों को एक सप्ताह का समय देकर डस्टबिन रखने के लिए जागरूक किया जाएगा। इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। शहर में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तत्काल ठीक कराने तथा जहां लाइट की व्यवस्था नहीं है, वहां नई स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य शहर में आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाना है। डीएम ने कहा कि जनपद को झोपड़ी मुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं। कोई भी व्यक्ति आवास के अभाव में झोपड़ी में रहने को मजबूर न हो। पात्र लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम सचिवों को दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ गरीब और पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में पंपलेट के जरिए भी योजनाओं का प्रचार- प्रसार कराया जाएगा, ताकि पात्र लोग योजनाओं का लाभ लेने से वंचित न रहें। जिलाधिकारी ने बताया कि दो अक्टूबर को माल्देपुर से कदम चौराहा तक डिवाइडर पर पौधरोपण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य शहर में प्रवेश करने वाले लोगों को बेहतर और आकर्षक वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि जिले के विकास से जुड़ी योजनाओं को कागजों तक सीमित न रखकर उन्हें धरातल पर उतारने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की जानकारी देते हुए डीएम ने बताया कि माता-पिता में से किसी एक अथवा दोनों की मृत्यु होने की स्थिति में पात्र बच्चों को योजना के तहत प्रतिमाह 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को पात्र बच्चों तक योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की अनुपस्थिति पाए जाने पर उनसे जवाब लिया जाएगा। राजस्व से संबंधित मामलों का भी प्राथमिकता के आधार पर गंभीरता से निस्तारण करने के निर्देश सभी एसडीएम को दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप जनसुनवाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाएगा। जनसुनवाई में प्रतिदिन सीएमओ के कर्मचारी मौजूद रहेंगे, ताकि स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का मौके पर ही समाधान कराया जा सके। इसके साथ ही 70 वर्ष से अधिक उम्र के पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया को भी तेज किया जाएगा।जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। शिक्षा व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के किसी भी सरकारी स्कूल में बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई न करें। उन्होंने बीएसए और ग्राम प्रधानों को तीन माह के भीतर विद्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी है। वहीं नगर पालिका क्षेत्रों में विद्यालयों के लिए फर्नीचर की व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी चेयरमैनों को दी गई है। इस अवसर पर एडीएम अनिल कुमार, जिला सूचना अधिकारी ऋषभ देव त्रिपाठी, अरुण कुमार, सूचना विभाग के समस्त कर्मचारी एवं समस्त पत्रकार बंधुओ उपस्थित रहे।


