दयाछपरा( बलिया)।बैरिया तहसील क्षेत्र के दयाछपरा,गोपालपुर,चकिया आदि गांवों में आजकल हरे पेड़ों की कटाई जोरो पर हो रही है।एक तरफ जहां सरकार अभियान चलाकर पेड़ लगा रही है वहीं शासन के रहनुमा हरे पेड़ कटवाने में लगे हुए है।जो प्रकृति के नुकसान दायक है।हरे पेड़ कटने से पर्यावरण को खतरा पैदा होता है वही कार्बन डाई ऑक्साइड बढ़ने से ग्लोबल वार्मिंग होता है।सूत्रों की माने तो पेड़ काटने वाले बन विभाग का फर्जी परमीशन बनवा कर ऐसा कार्य करते हैं।वन विभाग व स्थानीय पुलिस का सहयोग भरपूर मिल रहा है।एक पेड़ पर 2 हजार से 3 हजार तक हल्के के दरोगा और लगभग उतना ही बन विभाग के पास जाता है जो गैर कानूनी है।प्रबुद्ध लोगों ने संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल प्रभाव से हरे पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने की मांग की है और इसमें संलिप्त लकड़ी काटने वाले ,वन विभाग के कर्मचारी व हल्के के दरोगा की जांच करके उचित कारवाई की जाय ताकि हरे पेड़ो की कटाई पर रोक लगे।
बन विभाग व पुलिस की मिली भगत से कट रहे हरे पेड़”


