बिजली विभाग की लापरवाही ने युवती को कर दिया अनाथ

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टूटे हाईटेंशन तार ने बुझा दिया घर का चिराग

बेटे को बचाने दौड़े पिता की भी करंट से मौत

बलिया। बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के शाहपुर (सहपुरवा) गांव में गुरुवार सुबह विद्युत विभाग की लापरवाही ने एक युवती को अनाथ बना दिया। खेत की ओर जा रहे उसके पिता और भाई की टूट कर जमीन पर गिरे 11 हजार वोल्ट के तार की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई।

ग्रामीणों के अनुसार पहले 24 वर्षीय राजेश यादव करंट की चपेट में आया उसे बचाने के प्रयास में पिता 58 वर्षीय जनार्दन यादव भी चपेट में आ गए। दोनों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने विधायक केतकी सिंह के नेतृत्व में बांसडीह-बलिया मुख्य मार्ग पर धरना दिया गया। प्रशासन द्वारा दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, पीड़ित परिवार की बेटी को नौकरी और आर्थिक सहायता देने के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ। इस मामले में पुलिस ने बिजली विभाग के अधिकारियों- कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव के बाहर 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार टूटकर जमीन पर गिरा था। खेत की ओर जाते समय अंधेरे में राजेश उसकी चपेट में आ गए। बेटे को बचाने के लिए पिता जनार्दन दौड़ पड़े, लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गए। दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। राजेश ने हाल ही में पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) परीक्षा उत्तीर्ण की थी। परिवार को उनसे बड़ी उम्मीदें थीं।

घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए। कुछ देर में विधायक केतकी सिंह भी मौके पर पहुंच गईं और प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाया। एसडीएम पुष्कर मिश्र, तहसीलदार नितिन सिंह, सीओ जयशंकर मिश्र, बांसडीह रोड थानाध्यक्ष तथा बिजली विभाग के एक्सईएन पंकज भारती मौके पर पहुंचे। विधायक ने स्पष्ट कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई कराई जाएगी।

विद्युत आपूर्ति बंद करने के लिए मौके का वीडियो काल की जिद पर अड़ा रहा एसएसओ

हादसे के बाद ग्रामीणों ने तत्काल विद्युत उपकेंद्र (टकरसन) पर फोन कर बिजली आपूर्ति बंद करने का आग्रह किया। ताकि किसी तरह पिता-पुत्र को बचाया जा सके। आरोप है कि उपकेंद्र पर तैनात एसएसओ तत्काल सप्लाई बंद करने के बजाय ग्रामीणों से फोन पर बहस करने लगा और घटना स्थल का वीडियो व्हाट्सएप पर भेजने के बाद ही आपूर्ति बंद करने का कहता रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी देरी के कारण दोनों की जान नहीं बच सकी। इस संवेदनहीनता से ग्रामीण काफी आक्रोशित थे।

एक झटके में उजड़ गया परिवार

जनार्दन की पत्नी का वर्षों पहले निधन हो चुका था। बड़ी बेटी की शादी हो गई है। अब घर में सबसे छोटी बेटी सीमा यादव अकेले बची है। काल के क्रूर हाथों ने एक झटके में ही उसके सिर से पिता और भाई का साया छीन लिया। परिवार में दोनों शवों को मुखाग्नि देने वाला कोई पुरुष नहीं बचा है।

धरनास्थल से ही विधायक ने ऊर्जा मंत्री से की बात

घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने बांसडीह-बलिया मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। विधायक केतकी सिंह ने मौके पर ही विद्युत विभाग के एक्सईएन पंकज भारती को बुलाकर विभागीय लापरवाही पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने ऊर्जा मंत्री एके शर्मा से फोन पर बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी दी। प्रशासन ने दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज करने, पीड़ित बेटी को नौकरी एवं आर्थिक सहायता देने तथा गांव के जर्जर बिजली तारों को शीघ्र बदलने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ। इस दौरान सपा नेता रंजीत चौधरी, विधायक प्रतिनिधि विश्राम सिंह, पंकज सिंह, बबुआ सिंह, मंटू यादव, राकेश वर्मा, प्रतुल ओझा, अभिजीत तिवारी ‘बब्लू’ आदि थे।

 

एसएसओ, जेई समेत अधिकारियों पर मुकदमा

बांसडीह रोड पुलिस ने मृतक की पुत्री सीमा यादव की तहरीर पर टकरसन विद्युत उपकेंद्र के एसएसओ, संबंधित जेई तथा अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

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