लालगंज (बलिया)। समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे पूर्व मंत्री स्वर्गीय शारदानंद अंचल की जयंती रविवार को पशुहारी स्थित देवराज इंटर कॉलेज परिसर में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई। इस दौरान उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया।
मुख्य अतिथि सांसद सनातन पांडेय ने कहा कि स्वर्गीय शारदानंद अंचल ने अपना संपूर्ण जीवन गरीबों, किसानों, मजदूरों और समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई लड़ते हुए बिताया। वे समाजवादी विचारधारा के सच्चे प्रहरी थे, जिन्होंने सिद्धांतों और जनसेवा को हमेशा सर्वोपरि रखा। उन्होंने कहा कि अंचल का राजनीतिक और सामाजिक योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। क्षेत्र के विकास, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक न्याय की स्थापना में उनकी भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी। उनके आदर्शों और विचारों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री ताड़केश्वर मिश्र ने कहा कि स्वर्गीय शारदानंद अंचल जन-जन की आवाज थे। उन्होंने गरीबों, असहायों, अल्पसंख्यकों और पीड़ितों के अधिकारों के लिए पूरी निष्ठा के साथ संघर्ष किया तथा अपने राजनीतिक जीवन में कभी सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। सामंतवादी सोच के खिलाफ उन्होंने हमेशा मुखर होकर आवाज उठाई।
बैरिया विधानसभा के समाजवादी नेता अंगद मिश्रा ‘फौजी’ ने कहा कि स्वर्गीय अंचल के पदचिह्नों पर चलकर समाजवादी विचारधारा को मजबूत करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उनका पूरा जीवन समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए समर्पित रहा।
बैरिया विधायक एवं स्वर्गीय शारदानंद अंचल के पुत्र जयप्रकाश अंचल ने कहा कि उनके पिता का जीवन संघर्ष, जनसेवा और सामाजिक न्याय का पर्याय था। वे लोगों की समस्याओं को केवल सुनते ही नहीं थे, बल्कि उन्हें अपना दर्द मानकर उनके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करते थे। यही संवेदनशीलता उन्हें आम नेताओं से अलग पहचान दिलाती थी।
कार्यक्रम के आयोजक एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख विनय प्रकाश अंचल ने सभी अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वर्गीय अंचल की राजनीतिक और सामाजिक विरासत नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके आदर्शों को अपनाकर ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
इस अवसर पर यशपाल सिंह, चंद्रशेखर सिंह, राजन कनौजिया, इरफान अहमद, वीरेंद्र यादव, रामपुरी, शमशाद बासपारी, इरशाद अहमद, जनार्दन यादव, राजेंद्र मिश्रा, उमेश यादव, रामाश्रय, पतिराम यादव, अंगद यादव सहित बड़ी संख्या में समाजवादी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

