बांसडीह(बलिया)। सरयू नदी की बाढ़ में फंसे भोजपुरवा गांव के करीब पांच दर्जन परिवारों को सोमवार सुबह एनडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण गांव के लोग बाढ़ के पानी में फंस गए थे। रविवार रात प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम गांव पहुंच गई थी, लेकिन चारों तरफ पानी और अंधेरा होने के कारण रात में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू नहीं किया गया। सुबह एनडीआरएफ के जवानों ने नावों के सहारे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
भोजपुरवा गांव में बाढ़ का पानी भर जाने से बड़ी संख्या में परिवारों के लोग अपने घरों में फंस गए थे। एनडीआरएफ की टीम नावों के जरिए गांव में पहुंची और जवानों ने एक-एक कर लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर टीएस बंधा पर पहुंचाया। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता के आधार पर नावों में बैठाकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। कई परिवारों के जरूरी घरेलू सामान को भी नावों के जरिए बाहर निकाला गया।
रातभर पानी से घिरे रहने के बाद सुरक्षित बाहर निकलने पर लोगों ने राहत की सांस ली। गांव के मुन्ना यादव, राजेंद्र यादव, संजय यादव, सुधीर यादव, हीरालाल यादव, श्रीराम यादव, योगेंद्र यादव, लल्लन यादव, स्वामीनाथ यादव, श्रीकिशन यादव, राधाकृष्ण यादव, मुन्नीलाल यादव, जवाहर यादव, रामजी यादव समेत अन्य परिवारों को बाढ़ के पानी से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
सरयू नदी के जलस्तर में सोमवार सुबह मामूली गिरावट दर्ज की गई। चांदपुर में रविवार शाम जलस्तर 58.76 मीटर था, जो सोमवार सुबह घटकर 58.73 मीटर पर पहुंच गया। हालांकि जलस्तर में मामूली कमी के बावजूद भोजपुरवा गांव में बाढ़ का पानी अभी भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
नाव के सहारे गांव में पहुंचे एसडीएम पुष्कर मिश्रा, तहसीलदार नितिन कुमार सिंह और नायब तहसीलदार आशीष सिंह ने मौके पर पहुंचकर हालात की जानकारी ली। सीओ जयशंकर मिश्र और प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा।


