बांसडीह (बलिया) । मंगलपुरा के नाम से नवसृजित सरकारी देशी शराब की दुकान को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पहले मोतीझील पुल पार कोयलबीर बाबा स्थान के पास दुकान खोलने की तैयारी ग्रामीणों के विरोध के चलते रद्द करनी पड़ी। इसके बाद प्रशासन ने दुकान को डुहीमुसी चट्टी पर खोलने की तैयारी शुरू की, जिसका बुधवार को चार गांवों के ग्रामीणों ने जोरदार विरोध किया।
डुहीमुसी, हरदतपुर, चांदपुर-55 और जानकी छपरा के सैकड़ों महिला-पुरुष डुहीमुसी चट्टी पर एकत्र हुए और डुहीमुसी-बांसडीह मार्ग पर करीब एक घंटे तक जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह बाधित रहा।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पहले विरोध के बाद दुकान का स्थान बदला गया, लेकिन अब इसे आबादी के बीच स्थित डुहीमुसी चट्टी पर खोला जा रहा है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं, महिलाएं और बच्चे गुजरते हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यहां शराब की दुकान खुलने से शराबियों का जमावड़ा लगेगा, जिससे महिलाओं और छात्राओं के साथ अभद्रता की घटनाएं बढ़ सकती हैं और क्षेत्र का सामाजिक माहौल प्रभावित होगा।
ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि जिस तरह कोयलबीर बाबा स्थान पर शराब की दुकान नहीं खुलने दी गई, उसी तरह डुहीमुसी चट्टी पर भी दुकान नहीं खुलने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि गुरुवार को तहसील पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा। यदि इसके बाद भी प्रशासन ने निर्णय वापस नहीं लिया तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
विरोध प्रदर्शन में रामाशीष साहनी, परशुराम साहनी,मुनीब साहनी, सेमरिया देवी,रीता देवी,अनीता देवी,सरोज देवी,विशाल साहनी, अजय वर्मा,रुपेश सिंह, अजीत सिंह, मुन्ना राजभर,मखंचू तुरहा, मनोज पटेल,दीपु उपाध्याय,ओमप्रकाश उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

