आपदा कंट्रोल रूम में अव्यवस्था देख भड़के डीएम,अधिकारियों को लगाई फटकार

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बाढ़ की गलत रिपोर्टिंग पर डीएम सख्त, रजिस्ट्रार और कानूनगो को चेतावनी

कंट्रोल रूम में न ड्यूटी चार्ट मिला, न कम्युनिकेशन प्लान; डीएम नाराज

बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने रविवार को तहसील बैरिया स्थित आपदा कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कंट्रोल रूम में अव्यवस्थाएं मिलने पर जिलाधिकारी नेकड़ी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को व्यवस्थाएं तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के समय जनगणना ऑपरेटर नंदलाल और निर्वाचन ऑपरेटर रितेश जायसवाल मौके पर मौजूद मिले। वहीं, कंट्रोल रूम में एक बाहरी व्यक्ति रमेश कुमार सिंह भी बैठा मिला। जिलाधिकारी के पूछने पर उसने स्वयं को बाहरी व्यक्ति बताते हुए कहा कि वह तहसील का कर्मचारी नहीं है। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए उसे फटकार लगाई और कंट्रोल रूम में अनधिकृत व्यक्तियों के बैठने पर रोक लगाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने आपदा कार्यालय में रखी फाइलों और रजिस्टरों का निरीक्षण किया, लेकिन आवश्यक अभिलेख मौके पर व्यवस्थित रूप से उपलब्ध नहीं मिले। कार्यालय में बेंच के शीशे टूटे हुए थे। कंप्यूटर, टेलीफोन और फाइलों पर धूल जमी मिली। इससे साफ जाहिर हुआ कि कार्यालय की नियमित साफ-सफाई और उपकरणों के संचालन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान कम्युनिकेशन प्लान भी कार्यालय में उपलब्ध नहीं मिला। आपदा कंट्रोल रूम में तीन शिफ्टों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जानी थी, लेकिन ड्यूटी चार्ट के अनुसार व्यवस्था नहीं की गई थी। टेलीफोन पर काफी धूल जमा होने पर जिलाधिकारी ने इसकी कार्यप्रणाली और नियमित संचालन को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आपदा कंट्रोल रूम को पूरी जिम्मेदारी और तत्परता के साथ संचालित किया जाए, ताकि आपदा की स्थिति में लोगों को तत्काल सहायता मिल सके। इसके बाद जिलाधिकारी ने तहसील कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने रजिस्ट्रार कानूनगो रमेश कुमार वर्मा से वर्तमान में बाढ़ से प्रभावित गांवों की संख्या के बारे में जानकारी मांगी। रजिस्ट्रार और कानूनगो ने 19 गांवों के प्रभावित होने की जानकारी दी, जबकि तत्काल उपलब्ध जानकारी के अनुसार 33 गांव बाढ़ से प्रभावित पाए गए। जानकारी में इस अंतर को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने रजिस्ट्रार और कानूनगो को कड़ी फटकार लगाई और कार्य में लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी लापरवाही सामने आने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने तहसील के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिया कि रमेश कुमार वर्मा और जनार्दन यादव प्रतिदिन कंप्यूटर सिस्टम पर उपलब्ध रिपोर्ट का ऑपरेटर के माध्यम से तत्काल सत्यापन कराएं और उसे कंप्यूटर पर अपडेट एवं फीड कराएं। उन्होंने दोनों अधिकारियों के बीच कार्यों का स्पष्ट विभाजन करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने निर्देश दिया कि रजिस्ट्रार और कानूनगो घाघरा नदी से संबंधित बाढ़ की रिपोर्ट तैयार करेंगे, जबकि कानूनगो गंगा नदी से संबंधित रिपोर्ट तैयार करेंगे। दोनों अधिकारी अपने- अपने क्षेत्र की पूरी जानकारी प्रतिदिन अपडेट कर कंप्यूटर सिस्टम पर अपलोड कराएंगे, ताकि बाढ़ की स्थिति की वास्तविक और अद्यतन जानकारी प्रशासन के पास उपलब्ध रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कंट्रोल रूम और संबंधित कार्यालयों में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के साथ-साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सूचनाएं समय से अपडेट करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

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