दयाछपरा(बलिया)। गंगा नदी के जलस्तर में दूसरी बार हो रही लगातार बढ़ोतरी से बाढ़ का पानी अब गांवों की गलियों और ग्रामीण बस्तियों की ओर तेजी से बढ़ने लगा है। ग्राम पंचायत गोपालपुर के कन्या विद्यालय दुबे छपरा और प्राथमिक पाठशाला गोपालपुर को जलमग्न करने के बाद अब स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुबे छपरा और पीएन इंटर कॉलेज दुबे छपरा के परिसर में भी बाढ़ का पानी प्रवेश करने लगा है। इससे ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।
तेलिया नाला के रास्ते प्रसाद छपरा में पानी पहुंचने से करीब 50 एकड़ में खड़ी मक्का की फसल डूब गई है। खेतों के बाद अब बाढ़ का पानी ग्रामीण बस्तियों को घेरने लगा है। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग-31 से दया छपरा के किनारे होते हुए टेंगरही हनुमान मंदिर तक पानी पहुंच चुका है। यहां से खेतों को डुबोते हुए पानी गांव की ओर बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर बढ़ने की रफ्तार इसी तरह जारी रही तो जल्द ही ग्राम पंचायत जगदेवा भी बाढ़ की चपेट में आ सकती है।

“मवेशियों के चारे के लिए काट रहे मक्का”
बाढ़ का पानी खेतों में पहुंचने से किसानों को खड़ी फसल बचाने की चिंता सताने लगी है। पानी में डूबने से पहले किसान मक्का काटकर मवेशियों के चारे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि फसल के डूब जाने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
“नायब तहसीलदार ने लिया जायजा”
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए नायब तहसीलदार बैरिया उदय राज ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति और नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित लेखपाल को प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

“राहत शिविर में शुरू हुआ उपचार”
दुबे छपरा के हनुमान मंदिर पर बाढ़ विभाग की ओर से बनाए गए राहत शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उपचार शुरू कर दिया है। सीएचओ मृत्युंजय वर्मा, ज्योति खरवार, अनुराधा और संजय यादव की देखरेख में बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों का इलाज किया जा रहा है। वहीं बाढ़ की आशंका को देखते हुए ग्रामीण आवश्यक सामान और खाद्य सामग्री की खरीदारी में जुट गए हैं। बाजारों में भी जरूरत की वस्तुओं की खरीद को लेकर हलचल बढ़ गई है।
“59.980 मीटर पर पहुंचा गंगा का जलस्तर”
केंद्रीय जल आयोग के गायघाट गेज के अनुसार गंगा का जलस्तर करीब तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़कर 59.980 मीटर पहुंच गया है और मीडियम फ्लड लेवल को पार कर चुका है। वर्ष 2016 में दर्ज उच्चतम स्तर 60.390 मीटर बताया गया है। ऐसे में गंगा का जलस्तर उच्च स्तर की ओर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा और गहरा गया है। ग्रामीण लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।
निर्भय कुमार पांडेय


