बलिया पुलिस की प्रभावी पैरवी से हत्या के मामले में आया फैसला
बलिया। पुलिस मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के चलते हत्या के एक मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने तीन दोषियों पर 1.85-1.85 लाख रुपये और एक दोषी पर 1.95 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
पुलिस के अनुसार, बांसडीह कोतवाली में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 236/2024 में न्यायालय ने बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के दरांव गांव निवासी रोहित यादव उर्फ राइडर उर्फ विवेक यादव, तथा शेखर यादव तथा पिण्डहरा गांव निवासी जवाहर गोंड उर्फ लक्ष्मण गोंड और ओमप्रकाश उर्फ प्रकाश यादव को दोषसिद्ध करार दिया।
विभिन्न धाराओं में सुनाई गई सजा
न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1)/190 और 103(1)/190 के तहत चारों दोषियों को आजीवन कारावास तथा क्रमशः 50 हजार और 75 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दोनों धाराओं में तीन-तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इसके अलावा धारा 115(2)/190 के तहत एक वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 191(2) के तहत एक वर्ष का कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 191(3) के तहत तीन वर्ष का कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। इन धाराओं में जुर्माना अदा नहीं करने पर क्रमशः तीन माह, तीन माह और छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वहीं, आर्म्स एक्ट की धारा 4/25 के तहत रोहित यादव को दो वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया। जुर्माना जमा नहीं करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
2024 में दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस के अनुसार वादी राजेश पाण्डेय की तहरीर पर 20 जुलाई 2024 को बांसडीह कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना पूरी होने के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। इसके बाद पुलिस मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग ने मामले में प्रभावी पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने चारों अभियुक्तों को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई। मामले में अभियोजन अधिकारी के रूप में जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) संजीव कुमार सिंह ने पैरवी की।


