दयाछपरा(बलिया)। गंगा नदी के जलस्तर में लगातार छठवें दिन शनिवार को भी बढ़ोतरी जारी रही। बाढ़ का पानी उदई छपरा गांव को चारों तरफ से घेरने के बाद तेलिया नाला के रास्ते प्रसाद छपरा की ओर फैलने लगा है। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के दया छपरा किनारे से होते हुए बाढ़ का पानी पांडेपुर तक पहुंच गया है। इससे तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है।
उधर, गंगा पार नौरंगा-भुवाल छपरा गांव को जोड़ने वाली कच्ची सड़क बाढ़ के पानी के दबाव में टूट गई। सड़क टूटने से नौरंगा के एक पुरवे का आवागमन बाधित हो गया है। ग्रामीणों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक ने लिया बाढ़ और कटान का जायजा
क्षेत्रीय विधायक जयप्रकाश अंचल ने शनिवार को गंगा पार नौरंगा, भुवाल छपरा, चक्की नौरंगा समेत नदी किनारे बसे गांवों का दौरा कर बाढ़ और कटान की स्थिति का जायजा लिया। नौरंगा गांव की कच्ची सड़क टूटने की जानकारी मिलने पर विधायक ने मौके से ही बाढ़ विभाग के एफसीएन एसके प्रियदर्शी से फोन पर बात की और बोरी डालकर मार्ग को तत्काल दुरुस्त कराने का निर्देश दिया।
विधायक ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। इस दौरान संजय चौधरी, किशुन पासवान, मुन्ना यादव समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
58.76 मीटर पहुंचा गंगा का जलस्तर
केंद्रीय जल आयोग के गायघाट गेज के अनुसार शनिवार शाम गंगा के जलस्तर में तीन घंटे में एक सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जलस्तर 58.76 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो मीडियम फ्लड लेवल 58.615 मीटर से ऊपर पहुंच चुका है। पूर्वानुमान के अनुसार जलस्तर 58.900 मीटर तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से नदी किनारे बसे गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीण बाढ़ के पानी के और फैलने को लेकर आशंकित हैं। प्रशासन और ग्रामीण लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।


