बांसडीह(बलिया)। सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज कटान ने महराजपुर, चांदपुर तथा सुल्तानपुर गांव के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। आबादी की ओर तेजी से बढ़ रही नदी की धारा से लोगों में दहशत का माहौल है। एसडीएम बांसडीह पुष्कर मिश्रा ने गुरूवार को महराजपुर कटान स्थल का निरीक्षण कर बाढ़ विभाग की ओर से कराए जा रहे सुरक्षात्मक कार्यों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने एसडीएम को नदी की भयावह स्थिति से अवगत कराते हुए गांव को कटान से बचाने की मांग की। उनका कहना था कि पिछले कुछ दिनों से नदी का दबाव लगातार बढ़ रहा है और कटान की रफ्तार तेज होने से गांव पर खतरा मंडराने लगा है।
एसडीएम ने ग्रामीणों को भरोसा दिया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। गांव की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसे बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बाढ़ खंड के सहायक अभियंता और अवर अभियंता को मौके पर बुलाकर बचाव कार्यों की समीक्षा की तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने और सुरक्षात्मक कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
एसडीएम ने बताया कि कटान की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। बाढ़ विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर आवश्यक कार्य कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि गांव को किसी भी प्रकार का नुकसान न होने पाए।
उन्होंने बताया कि यदि बाढ़ की स्थिति गंभीर होती है तो प्रभावित ग्रामीणों के लिए सुरक्षित शरणस्थली की व्यवस्था भी की गई है। महराजपुर से करीब एक किलोमीटर दूर हुसेनाबाद स्थित पंचायती राज प्रशिक्षण केंद्र को संभावित राहत शिविर के रूप में तैयार रखा गया है, जहां आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित ठहराया जाएगा। वर्तमान में सरयू नदी की धारा महराजपुर गांव की आबादी से करीब 300 मीटर की दूरी पर बह रही है।
लगातार बढ़ रहा जलस्तर
बांसडीह। सरयू नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार डीएसपी हेड पर बुधवार शाम चार बजे जलस्तर 63.49 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरा बिंदु 64.010 मीटर के काफी करीब है। वहीं चांदपुर गेज स्टेशन पर जलस्तर 57.28 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरा बिंदु 60.240 मीटर से नीचे है। गुरुवार को डीएसपी हेड पर जलस्तर बढ़कर 63.50 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चांदपुर गेज स्टेशन पर यह 57.21 मीटर रहा।

