डीजल छिड़ककर खुद को और झोपड़ी को आग लगाने की कोशिश, पुलिस ने बचाया; पक्के मकानों को हटाने से पहले मुआवजे और पुनर्वास का आश्वासन
मनियर (बलिया)। मनियर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत सरवार ककरघट्टी के गंगापुर गांव में रविवार को सड़क किनारे स्थित सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। तहसीलदार बांसडीह नितिन कुमार सिंह के नेतृत्व में बुलडोजर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान एक युवक ने अपने शरीर पर डीजल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। युवक ने अपनी झोपड़ी में भी आग लगा दी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर युवक को बचाया और आग पर काबू पाया गया।
डीजल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास, अस्पताल में चल रहा इलाज
जानकारी के अनुसार, मांगुर गोंड़ के पुत्र डब्लू गोंड़ ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान अपने शरीर पर डीजल छिड़क लिया और झोपड़ी में आग लगा दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया और युवक को हिरासत में लेकर बचाया। इस दौरान युवक बेहोश हो गया। बाद में परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज चल रहा है।
प्रशासन और अतिक्रमणकारियों के बीच हुई नोकझोंक
सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के दौरान प्रशासनिक टीम और अतिक्रमणकारियों के बीच कहासुनी और नोकझोंक भी हुई। स्थिति को देखते हुए तहसीलदार के सूचना देने पर उपजिलाधिकारी बांसडीह पुष्कर मिश्रा, क्षेत्राधिकारी बांसडीह जयशंकर मिश्रा तथा कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
कई लोगों के अतिक्रमण वाले हिस्से हटाए गए
प्रशासन की ओर से रामनाथ यादव, स्वर्गीय रामलच्छन यादव, गोपाल यादव, सोया यादव, स्वर्गीय सुरेश गोंड़, मांगुर गोंड़, दरोगा यादव, स्वर्गीय छोटेलाल गोंड़, स्वर्गीय बैजनाथ गोंड़, हरनाथ गोंड़, वशिष्ठ गोंड़ और वीर बहादुर गोंड़ सहित अन्य लोगों के अतिक्रमण वाले कुछ हिस्सों को हटाया गया।
हालांकि, कार्रवाई के दौरान पक्के मकानों को तत्काल नहीं गिराया गया। प्रशासन ने प्रभावित लोगों को मुआवजा देने और अन्यत्र बसाने के बाद ही पक्के मकानों को हटाने की बात कही है।
मुआवजे और पुनर्वास के बाद हटाए जाएंगे पक्के मकान
इस संबंध में एसडीएम बांसडीह पुष्कर मिश्रा ने बताया कि सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रभावित लोगों को मुआवजा देकर अन्यत्र बसाया जाएगा। इसके बाद पक्के मकानों को हटाकर सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।
हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में कार्रवाई
बताया जा रहा है कि राजन लाल श्रीवास्तव की अपील पर हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में प्रशासन ने यह कार्रवाई की। सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए पहुंची टीम ने मौके पर अतिक्रमण के कुछ हिस्सों को हटाया,जबकि पक्के मकानों को हटाने की कार्रवाई मुआवजे और पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी होने के बाद किए जाने की बात कही गई है।


