बांसडीह (बलिया)। वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में आयोजित दो दिवसीय ‘रंगीलो काशी नंदी शो’ में बलिया जनपद के पशुपालकों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गंगातीरी गाय नस्ल में दो राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किए। बांसडीह क्षेत्र के बघौता गांव निवासी गोरखनाथ यादव ने द्वितीय तथा सारंगपुर गांव निवासी हरिमोहन यादव ने तृतीय राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किया।
राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) की ओर से आयोजित इस नंदी शो में देशभर की उन्नत नस्लों की गायों का प्रदर्शन किया गया। विभिन्न नस्लों की गायों की दुग्ध उत्पादन क्षमता का आकलन करने के बाद उत्कृष्ट पशुपालकों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने किसानों और पशुपालकों को पुरस्कार, प्रमाण पत्र एवं शील्ड प्रदान की। गंगातीरी नस्ल में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले वाराणसी के शहंशापुर निवासी प्रहलाद सिंह को ढाई लाख रुपये का पुरस्कार मिला।
वहीं, गोरखनाथ यादव को द्वितीय पुरस्कार के रूप में डेढ़ लाख रुपये तथा हरिमोहन यादव को तृतीय पुरस्कार के रूप में एक लाख 11 हजार रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी गई। दोनों पशुपालकों को प्रमाण पत्र और शील्ड देकर भी सम्मानित किया गया।
दूध उत्पादन में भी बलिया की गायों ने दिखाया दम
गंगातीरी नस्ल की गायों की दुग्ध उत्पादन क्षमता में भी बलिया के पशुपालकों ने बेहतर प्रदर्शन किया। वाराणसी के प्रहलाद सिंह की गाय ने सुबह-शाम मिलाकर 18.5 किलो दूध देकर प्रथम स्थान हासिल किया। बघौता गांव निवासी गोरखनाथ यादव की गाय ने 17 किलो दूध देकर दूसरा और सारंगपुर निवासी हरिमोहन यादव की गाय ने 14 किलो दूध देकर तीसरा स्थान प्राप्त किया।
नंदी शो में देशभर से साहीवाल, धारपारकर, गीर, गंगातीरी, मुर्रा समेत विभिन्न उन्नत नस्लों के पशुओं का प्रदर्शन किया गया।
बलिया के दोनों पशुपालकों की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के किसान नेता अरुण सिंह, दिनेश बिंद, शर्मानाथ यादव, बृजेश सिंह समेत अन्य लोगों ने बधाई देते हुए इसे जनपद के पशुपालकों के लिए गौरव की उपलब्धि बताया।


