हाईटेंशन तार की चपेट में आने से छात्र की मौत
स्कूल की छत पर चढ़कर लौकी तोड़ रहा था अरशद
ग्रामीणों ने किया हंगामा, पुलिस को शव उठाने से रोका
बलिया। गड़वार थाना क्षेत्र के कनैला गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय नवीन पोखरा हरिजन बस्ती में सोमवार को हाईटेंशन बिजली के तार की चपेट में आने से कक्षा चार के 12 वर्षीय छात्र अरशद अहमद की मौत हो गई। घटना के बाद विद्यालय परिसर में कोहराम मच गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने डीएम को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर हंगामा किया।
विशुकिया निवासी मो. इजहार अहमद का पुत्र अरशद सोमवार को विद्यालय में पढ़ने आया था। आरोप है कि शिक्षक ने मध्याह्न भोजन के लिए लौकी तोड़ने के लिए उसे विद्यालय की छत पर चढ़ा दिया। इसी दौरान ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। कुछ देर बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों ने पुलिस को शव कब्जे में लेने से रोक दिया और नारेबाजी करने लगे। बवाल की सूचना मिलने एसडीएम (सदर) गोपेश तिवारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी (नगर) सतीश शर्मा, बीएसए मनीष सिंह और बिजली विभाग के एसडीओ सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। काफी समझाने-बुझाने के बाद ग्रामीणों ने पुलिस को शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने दिया।
एसडीएम ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक और शिक्षकों की घोर लापरवाही बताते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही। उन्होंने बिजली विभाग के दोषियों पर भी कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस क्षेत्राधिकारी ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्यवाही की जारी है।
प्रधानाध्यापक व सहयक अध्यायक सस्पेंड
शिक्षा क्षेत्र गड़वार के कनैला स्थित प्राथमिक विद्यालय नवीन पोखरा में सुबह हाईटेंशन तार की चपेट में आने से कक्षा चार के छात्र की मौत मामले में बीएसए मनीष कुमार सिंह ने प्रभारी प्रधानाध्यापक विजय शंकर व सहायक अध्यापक अनिल कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। वहीं, शिक्षामित्र दीपचन्द राम की सेवा समाप्त करने के लिए बीएसए ने ग्राम शिक्षा समिति को पत्र लिखा है।
40 साल से था हाईटेंशन तार तो छह साल पहले उसके नीचे कैसे बन गया विद्यालय
बलिया। गड़वार थाना क्षेत्र के कनैला स्थित प्राथमिक विद्यालय में छात्र की करंट से मौत के बाद विद्यालय भवन के निर्माण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय के ऊपर से गुजर रहा हाईटेंशन बिजली का तार करीब 40 वर्षों से मौजूद है। विद्यालय भवन का निर्माण लगभग छह वर्ष पहले कराया गया था। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब हाईटेंशन तार पहले से मौजूद था तो उसके नीचे विद्यालय भवन बनाने की अनुमति कैसे दे दी गई।
क्या भवन निर्माण के समय बिजली विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र लिया गया था। क्या निर्माण से पहले बिजली के तार को हटाने या सुरक्षित दूरी पर स्थानांतरित करने की जरूरत नहीं समझी गई। बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इन महत्वपूर्ण पहलुओं की अनदेखी किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
मासूम की जान जाने के बाद अब बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालय भवन के निर्माण की स्वीकृति, तकनीकी जांच और बिजली विभाग की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। यह भी जरूरी है कि जांच में उन अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय हो, जिनकी अनदेखी से बच्चों के विद्यालय परिसर में इस तरह का जानलेवा खतरा बना है।


