बांसडीह( बलिया) । क्षेत्र के नकहरा तिवारी गांव में सरकारी राशन वितरण में अनियमितता और गोदाम से खाद्यान्न गायब मिलने के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। एसडीएम के अनुमोदन के बाद पुलिस ने आरोपित कोटेदार अजीत कुमार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (ईसी एक्ट) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, गांव के प्रशासक अजय कुमार ने कोटेदार पर खाद्यान्न वितरण में धांधली करने और कार्डधारकों को राशन नहीं देने की शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर गुरुवार को क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी बांसडीह राजेश कुमार मिश्रा ने उचित दर की दुकान का निरीक्षण कर स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया।
विभागीय ऑनलाइन रिपोर्ट और ई-पॉस मशीन के अनुसार दुकान पर अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 का कुल अवशेष खाद्यान्न 23.14 कुंतल गेहूं, 82.12 कुंतल चावल, 9.51 कुंतल मक्का और 18 किलोग्राम चीनी होना चाहिए था। हालांकि, स्थलीय जांच के दौरान निर्धारित स्थान पर खाद्यान्न की एक मात्रा भी नहीं मिली और गोदाम पूरी तरह खाली पाया गया।
जांच में दुकान पर साइन बोर्ड, स्टॉक बोर्ड, रेट बोर्ड और अंत्योदय कार्डधारकों की सूची भी प्रदर्शित नहीं मिली। वहीं, मांग किए जाने के बावजूद स्टॉक और बिक्री रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराया गया।
मौके पर मौजूद कार्डधारकों तेतरी, सुनीता देवी, गुड़िया देवी और संगीता ने बताया कि उन्हें पिछले तीन-चार महीनों से राशन नहीं मिल रहा है। राशन मांगने पर कोटेदार टालमटोल करते हैं। इसके चलते उन्हें दूसरे गांवों की राशन दुकानों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, कम खाद्यान्न वितरण को लेकर कोटेदार अजीत कुमार को छः अक्टूबर को ही स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया था। जून से सितंबर तक वितरण प्रतिशत काफी कम पाए जाने पर उन्हें एक सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय में कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके अलावा अक्टूबर माह का वितरण शुरू होने के बावजूद 29 अक्टूबर तक केवल कुछ कार्डधारकों को ही राशन दिया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम बांसडीह के अनुमोदन पर पुलिस ने कोटेदार के खिलाफ ईसी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।


