बलिया। जनपद के ऐतिहासिक कोषागार में वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद दुबे की एक बार फिर वापसी हो गई है। उन्होंने कल पुनः अपना योगदान देकर बलिया कोषागार में जिम्मेदारी संभाल ली। उनकी दोबारा तैनाती की खबर से शुभचिंतकों,परिचितों और समर्थकों में उत्साह का माहौल है। उनकी वापसी को लेकर बधाइयों का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
गौरतलब है कि आनंद दुबे पूर्व में बलिया कोषागार में वरिष्ठ कोषाधिकारी के पद पर तैनात थे। हालांकि,कुछ परिस्थितियों के चलते उन्हें लखनऊ स्थित कोषागार निदेशालय से संबद्ध कर दिया गया था। अब एक बार फिर उन्हें बलिया में वरिष्ठ कोषाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपे जाने से जनपद में खुशी देखी जा रही है।
पेंशनरों के संघर्ष को आनंद दुबे ने किया नमन
अपनी वापसी के अवसर पर आनंद दुबे ने पेंशनरों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा, “मैं हृदय से सभी बुजुर्ग अभिभावक (पेंशनर) के संघर्ष को प्रणाम करता हूं।” उनके इस संदेश को पेंशनरों के प्रति सम्मान और उनके संघर्ष के प्रति संवेदनशीलता के रूप में देखा जा रहा है।
आनंद दुबे की बलिया में पुनः तैनाती को लेकर उनसे जुड़े लोगों में खासा उत्साह है। अब जनपदवासियों की निगाहें उनके आगामी कार्यकाल पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि उनके अनुभव और कार्यशैली से कोषागार से संबंधित कार्यों को गति मिलेगी तथा पेंशनरों सहित अन्य लाभार्थियों को बेहतर प्रशासनिक सहयोग मिल सकेगा।
फिलहाल,उनकी वापसी बलिया के कोषागार से जुड़े लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। शुभचिंतक और परिचित उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दे रहे हैं और उनके सफल कार्यकाल की कामना कर रहे हैं।


