एनएचएम संविदा कर्मियों का तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार आज से,सीएमओ कार्यालय पर धरना

Spread the love

छह सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन; नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन और कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग

बलिया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। कर्मचारी 8, 9 और 10 अक्टूबर को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन करेंगे। आंदोलन के माध्यम से कर्मचारियों ने शासन और विभागीय अधिकारियों से उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।

संघ पदाधिकारियों के अनुसार एनएचएम संविदा कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं, अभियानों और स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में भी संविदा कर्मचारियों की अहम जिम्मेदारी है। इसके बावजूद लंबे समय से सेवा सुरक्षा, वेतन, चिकित्सा सुविधा और भविष्य से जुड़ी समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हो पाया है।

छह सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन

एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ ने छह प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। इनमें-

1. लंबे समय से कार्यरत संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए।

2. समान कार्य के लिए समान वेतन की व्यवस्था लागू की जाए।

3. संविदा कर्मचारियों और उनके आश्रितों को 10 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

4. वर्तमान महंगाई के अनुरूप संविदा कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (डीए) दिया जाए।

5. सभी संविदा कर्मचारियों के लिए ईपीएफ/भविष्य निधि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

6. रिक्त पदों पर संविदा कर्मचारियों के स्थानांतरण की व्यवस्था लागू की जाए।

संघ का कहना है कि कर्मचारी वर्षों से पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ विभागीय दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और अभियानों को सफल बनाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। ऐसे में सरकार को उनकी सेवा सुरक्षा और अन्य समस्याओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

कई कर्मचारी संगठनों का समर्थन

एनएचएम संविदा कर्मचारियों के आंदोलन को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ और प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ उत्तर प्रदेश समेत अन्य कर्मचारी संगठनों का समर्थन मिलने की बात कही गई है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि संविदा कर्मचारियों की मांगें उनके सम्मान, सेवा सुरक्षा और भविष्य से सीधे जुड़ी हुई हैं।

तीन दिन सीएमओ कार्यालय पर चलेगा धरना

संघ के अनुसार 8 से 10 अक्टूबर तक मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। इसमें जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों और एनएचएम के अलग-अलग संवर्गों में कार्यरत संविदा कर्मचारी शामिल होंगे। संगठन ने अधिक से अधिक कर्मचारियों से आंदोलन में शामिल होकर एकजुटता प्रदर्शित करने की अपील की है।

इन पदाधिकारियों की रहेगी प्रमुख भूमिका

आंदोलन में जोनल अध्यक्ष हिमांशु सिंह, जिलाध्यक्ष मिथिलेश गिरी, जिला उपाध्यक्ष संजय यादव, संरक्षक आशुतोष सिंह, महामंत्री शैलेश श्रीवास्तव और कोषाध्यक्ष सचिन गुप्ता की प्रमुख भूमिका रहेगी।

इसके अलावा राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश, बलिया के अध्यक्ष वेद प्रकाश पांडेय, उपाध्यक्ष अनिल कुमार यादव, महामंत्री विनोद कुमार मिश्रा, मंडल अध्यक्ष सुशील त्रिपाठी, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ बलिया के अध्यक्ष जयप्रकाश सिंह और महामंत्री राजेश कुमार रावत समेत अन्य पदाधिकारी भी आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं।

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि संविदा कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान वार्ता और सकारात्मक निर्णय के माध्यम से किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी कर्मचारियों से शांतिपूर्ण ढंग से धरना-प्रदर्शन में शामिल होकर एकजुटता प्रदर्शित करने की अपील की।

पदाधिकारियों के मुताबिक तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार के माध्यम से छह सूत्रीय मांगों को शासन और विभागीय अधिकारियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाएगा। यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है, तो संगठन आगे की आंदोलनात्मक रणनीति पर निर्णय लेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *