जिउतिया व्रत में मडुआ की लिट्टी-रोटी खाने से बिगड़ी दर्जनो महिलाओ की तबीयत, मचा हड़कंप

Spread the love

एक ही दुकान से खरीदे गए मडुआ के आटे से बनी सामग्री खाने के बाद उल्टी-दस्त और चक्कर की शिकायत; कई मरीज जिला अस्पताल रेफर

बासडीह (बलिया)। बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के आसचौरा गांव में जिउतिया व्रत की परंपरा के तहत मडुआ के आटे से बनी लिट्टी-रोटी खाना महिलाओं और बच्चों के लिए परेशानी का सबब बन गया। भोजन करने के कुछ ही देर बाद एक दर्जन से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ गई। किसी को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई तो किसी को तेज चक्कर आने लगा। एक साथ कई लोगों के बीमार पड़ने से गांव में हड़कंप मच गया।

परिजन आनन-फानन में बीमार लोगों को बांसडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत वाले कुछ मरीजों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, शुक्रवार सुबह महिलाएं स्नान-ध्यान के बाद जिउतिया व्रत की तैयारी में सोनू वर्मा की दुकान से मडुआ का आटा खरीदकर घर लाई थीं। इसी आटे से लिट्टी और रोटी तैयार की गई। परंपरा के अनुसार भोजन करने के कुछ समय बाद ही लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते कई घरों में बीमार लोगों को अस्पताल ले जाने की स्थिति बन गई।

बीमार लोगों में 26 वर्षीय पिंकी पत्नी पिंटू, 33 वर्षीय पुष्पा, 10 वर्षीय शिवम, 40 वर्षीय फूलमती, 36 वर्षीय सुनीता, नौ वर्षीय देवा, 32 वर्षीय सुमन और 35 वर्षीय रंजिता वर्मा समेत अन्य लोग शामिल हैं।

एक ही दुकान से खरीदे गए मडुआ के आटे से बनी सामग्री खाने के बाद कई लोगों के बीमार पड़ने से ग्रामीणों में आटे की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, बीमारी की वास्तविक वजह चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

बांसडीह सीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. वीरबहादुर ने बताया कि मरीजों में फूड प्वाइजनिंग की स्थिति सामने आई है। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि कुछ मरीजों का इलाज सीएचसी में चल रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *