बलिया। संवाददाता पूर्व मंत्री समाजवादी नेता रामगोविन्द चौधरी के निधन के बाद शनिवार को सुबह सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में उनके आवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी।अखिलेश यादव ने रामगोविन्द चौधरी के पुत्र रंजीत चौधरी और परिवार के अन्य सदस्यों को सांत्वना दिया।
मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि रामगोविन्द चौधरी उस दौर के नेता थे,जब समाजवादी अपनी पहचान बना रहे थे। उन्होंने समाजवाद के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके जाने से समाजवादी आंदोलन और पार्टी को बहुत नुकसान हुआ है। वह जेपी आंदोलन, पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर, समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र और मुलायम सिंह यादव जैसे बड़े नेताओं के साथ काम कर चुके थे। सदन में भी वह अपनी बात प्रभावशाली ढंग से रखते थे लखनऊ में पूर्व मंत्री रामगोविन्द चौधरी के आवास पर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, पूर्व मंत्री उपेन्द्र तिवारी, विधायक केतकी सिंह, मु रिजवी, जयप्रकाश अंचल, संग्राम सिंह यादव, यशवन्त सिंह,सपा जिलाध्यक्ष सुनील मौर्य सहित कई राजनीतिक हस्तियों ने भी शव पर फूल चढ़ा कर श्रद्धांजलि दिया।
राजनीति की पाठशाला थे पूर्व मंत्री:केतकी
बलिया। पूर्व मंत्री रामगोविन्द चौधरी के निधन पर शनिवार को उनके लखनऊ आवास पर जाकर बांसडीह विधानसभा क्षेत्र की विधायक केतकी सिंह ने पुष्पचक्र अर्पित कर नमन किया। मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक केतकी सिंह ने कहा कि पूर्व मंत्री रामगोविन्द चौधरी जी का जाना दुखदाई है। आज की राजनीति में ऐसे महापुरुष को रहना चाहिए था जिससे नई जेनरेशन को उनसे सीख मिलती। मैं उन्हें हमेशा राजनीति की पाठशाला कहती थी। हांलांकि मैं उनके विपक्ष में लड़ती थी लेकिन मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है। केतकी सिंह ने कहा कि आंदोलन से निकलने वाले नेताओं की बात अलग होती हैं,अब धीरे-धीरे पुराने नेता विलुप्त होते जा रहे हैं। पार्टी सिद्धांत से उपर उठकर हम सभी को इनका सम्मान करतें हुए सीख लेनी चाहिए।
गोसाईपुर में रविवार को होगा अंतिम संस्कार
बलिया। संवाददाता पूर्व मंत्री रामगोविन्द चौधरी का पार्थिव शरीर शनिवार शाम लखनऊ से उनके बलिया शहर स्थित जगदीशपुर आवास पर लाया गया। उनका अंतिम संस्कार रविवार को सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के गोसाईपुर पैतृक गांव पर किया जाएगा। परिवार के अनुसार सुबह 10 बजे गोसाइपुर स्थित पैतृक आवास से अंतिम यात्रा निकलेगी।
उधर पार्थिव शरीर के बलिया पहुंचने पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। हर कोई अपने पूर्व मंत्री का अंतिम दर्शन पाने को आतुर थे । हालांकि पार्थिव शरीर बंद एम्बुलेंस वाहन में होने के कारण लोग अंतिम दर्शन नहीं कर सके,लेकिन वाहन पर पुष्पअर्पित कर और हाथ जोड़कर श्रद्धांजलि दी। देर शाम छः बजे पार्थिव शरीर जगदीशपुर स्थित आवास पहुंचा,जहां अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा रहा। पार्थिव शरीर वहां से समाजवादी पार्टी कार्यालय लाया गया जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने फूल माला चढ़ाकर नमन किया। कार्यकर्ता रामगोविन्द चौधरी अमर रहें का नारा लगा रहे थे। रामगोविन्द चौधरी का पार्थिव शरीर सुखपुरा,बेरूआरबारी, बांसडीह,हालपुर,मनियर होते हुए गोसाईपुर पैतृक गांव ले जाया गया। बांसडीह में कार्यकर्ताओं व लोगों ने फूल माला चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी।
पूर्व मंत्री के अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब
बलिया । संवाददाता पूर्व मंत्री रामगोविन्द चौधरी का पार्थिव शरीर शनिवार की शाम को उनके बलिया शहर स्थित जगदीशपुर आवास पर लाया गया। अंतिम दर्शन को लोगों की भारी भीड़ उमड़ी थी। लोगों की आंखें नम थी। एम्बुलेंस से पार्थिव शरीर नीचे उतारकर कुछ देर आवास पर रखा गया जहां लोगों ने फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। यहां से पार्थिव शरीर पैतृक गांव गोसाईपुर ले जाया गया। रास्ते में जगह-जगह अपने नेता को नमन करने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा थी।
पूर्व मंत्री का शव लेकर लखनऊ स्थित उनके आवास से दिन में करीब 12 बजे लोग रवाना हुए। फूलों से सजी एम्बुलेंस गाड़ी में रामगोविन्द चौधरी की तस्वीर के साथ बड़े बैनर लगे थे। उसके पीछे सैकड़ों वाहनों का लम्बा काफिला था। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे होते हुए काफिला शाम को करीब पांच बजे फेफना में प्रवेश किया। जगह-जगह सड़क के किनारे और चौराहों पर लोगों की भीड़ थी। सभी अपने प्रिय नेता की आखिरी झलक देखने को बेताब थे। हालांकि बंद गाड़ी में पार्थिव शरीर होने के कारण अंतिम दर्शन तो नहीं हुए लेकिन भीड़ ने वाहन को देखकर ही नमन किया और अपने नेता को श्रद्धांजलि दी। सागरपाली,माल्देपुर आदि जगहों पर कार्यकर्ताओं व लोगों ने श्रद्धांजलि दी।


