हजारों परिवारों की चिंता बढ़ी, रिहायशी मकान और कृषि भूमि नदी में समा रहे
लालगंज (बलिया)। बैरिया तहसील क्षेत्र के उत्तरी दियारा अंचल में सरयू नदी का जलस्तर घटने के बावजूद कटान का खतरा लगातार बढ़ रहा है। गोपालनगर, वशिष्ठनगर, मानगढ़ और शिवाल मठिया गांवों पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। लगातार हो रही कटान से रिहायशी मकान और कृषि योग्य भूमि नदी में विलीन हो रहे हैं। कटान रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है।
इस समस्या को लेकर रविवार को गोपालनगर पंचायत भवन परिसर में दियारा अंचल बचाओ संघर्ष समिति की बैठक हुई। इसमें चारों गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों और समिति के पदाधिकारियों ने भाग लिया। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों और शासन को पत्रक देकर कटान की समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कटान रोकने के लिए प्रभावी कार्य शुरू कराने की मांग को लेकर 5 नवंबर 2026 को सुबह 11 बजे बैरिया तहसील परिसर में धरना–प्रदर्शन किया जाएगा। ग्रामीणों ने अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की।
बैठक में ब्रजकिशोर सिंह, ओमप्रकाश सिंह, सुनील यादव, जन्मेजा सिंह, पप्पू कुमार यादव, प्रदीप कुमार, पूर्व प्रधान, प्रधान प्रतिनिधि अर्जुन यादव, चंद्रशेखर यादव, गोरखनाथ यादव, राजाराम, कैलाश यादव, संजय सिंह, गणेश पाठक, सुनील कुमार यादव, कृष्णानंद यादव, सूरज यादव, देवी दयाल यादव, अर्जुन चौधरी, शिवमुनि यादव और हरेंद्र यादव सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे ।


