रसड़ा(बलिया)। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के राष्ट्रव्यापी अभियान ‘नमामि भारतम्’ के तहत शुक्रवार को नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर, अखनपुरा में वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रव्यापी आयोजन के क्रम में प्रातः 11 बजे विद्यार्थियों, आचार्यों एवं अतिथियों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। एक साथ गूंजे राष्ट्रगीत के स्वर से पूरा विद्यालय परिसर राष्ट्रभाव और देशभक्ति की भावना से सराबोर हो उठा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सरस्वती शिक्षा परिषद के मंत्री संजय कुमार कश्यप ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय चेतना, मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और देश के प्रति समर्पण की भावना का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि प्रांत धर्म जागरण प्रमुख देवानंद सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वंदे मातरम् ने देशवासियों में राष्ट्रभक्ति, एकता और स्वाधीनता की चेतना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज इसका सामूहिक गायन नई पीढ़ी को देश की सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय विरासत से जोड़ने का माध्यम है।
प्रधानाचार्य डॉ. राजेंद्र पाण्डेय ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, राष्ट्रबोध और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को भारत के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराते हैं।
कार्यक्रम में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम् की ऐतिहासिक भूमिका और स्वतंत्रता आंदोलन में इसके योगदान का स्मरण किया गया। विद्यार्थियों एवं आचार्यों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ सामूहिक गायन में सहभागिता की। अंत में राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव को बनाए रखने का संकल्प लिया गया।


